कोरोना-काल में रंगमंच का शिक्षण और प्रशिक्षण

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Abstract

सारांश


शोध-सार — कोरोना महामारी का समय सभी के लिए बहुत बुरा दौर था। जीवन के तमाम क्षेत्रों के समान प्रदर्शनकारी कलाओं और उनसे जुड़े शिक्षण-प्रशिक्षण पर इस काल का नकारात्मक प्रभाव रहा। रंगमंच का शिक्षण और प्रशिक्षण भी इस दुष्प्रभाव से अछूता नहीं रह सका। रंगमंच से जुड़े सभी सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों में प्रशिक्षण की प्रक्रिया बाधित हुई। प्रशिक्षु रंगमंच का व्यावहारिक प्रयोग सीखने से वंचित हो गये। रंगमंच कला से जुड़े कलाकारों के जीवन-यापन का संकट आ पड़ा। अनलॉक होने के बाद स्थितियाँ बहुत मंद गति से सुधरती हुई दिखाई पड़ रही हैं। यही कोरोना-काल ने रंगमंच के प्रशिक्षण के पारंपरिक तरीकों के अलावा नए विकल्पों पर भी विचार करने को विवश कर दिया।

References

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